The Single Best Strategy To Use For ❌ Zyada laalach ya gussa
साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें।
शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं
ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल ।
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शाबर website मंत्र को सिद्ध करते समय इन नियमों का पालन करें
जो जो हनुमंत धगधजित फलफलित आयुराष: खरूराह
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सही स्थान और समय:- मंत्र जाप के लिए एकांत, शांत और पवित्र स्थान का चयन करें। रात्रि के शांत वातावरण में या ब्रह्म मुहूर्त में मंत्र जाप करना अधिक प्रभावी होता है।
वेदोंशास्त्रसप्त ऋषिसप्त चिरंजीवीसप्त नदियाँधामज्योतिर्लिंगकुंभ स्थलशक्तिपीठ
साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पूर्ण पालन अवश्य करें।
जप काल में भोग आदि सामग्री, फल-फूल, मिठाई आदि ताजा एवं शुद्ध होनी चाहिए।
हर मंत्र की प्रत्येक विधि होती है, उसी का पालन करें।
मंत्र साधना और जप के चमत्कारिक लाभ, जानिए...